वो कहते है न की " माँ एक ऐसी देवी होती है जिनके गुस्से से भी हमारा भला ही होता है " बिलकुल ऐसा ही हुआ वर्तमान के तेज गेंदबाज जिनके घातक गेंदबाजी को अच्छे अच्छे बल्लेबाज सलाम करते है  " जसप्रीत बुमराह "

Jasprit Bumrah In His Mother
Jasprit Bumrah In His Mother

फिलहाल जसप्रीत बुमराह ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई टीम इंडिया की साथ खेल रही तीसरे टेस्ट मैच में मात्र 33 रन देकर एक ही इनिंग में छह विकेट्स हासिल कर लिए और बन गए है दुनिया के ऐसे पहले खिलाडी जिन्होंने अपने करियर के पहले साल ही सबसे ज्यादा विकेट्स लिए हो और अभी तो एक और पारी बाकी है , उम्मीद है जसप्रीत बुमराह उसमे भी विकेट्स हासिल करने में कामयाब होंगे |



माँ की फटकार से बने यॉर्कर स्पेशलिस्ट 

एक खबर के मुताबिक जब  जसप्रीत बुमराह लगभग बारह साल के थे तब वे गर्मियों के दोपहर में घर में ही गेंदबाजी का अभ्यास किया करते थे और उस वजह से घर में बहुत ज्यादा आवाज होती थी  तब उसकी माँ ने बुमराह को बोला " अगर तुम्हे खेलनी है तो बाहर जाओ या फिर ऐसे खेलो जिस से ज्यादा आवाज नहीं हो " तब बुमराह ने अपना दिमाग लगाया और घर में ही दीवारों  के पुरे जड़ में गेंद फेकने का अभ्यास करने लगे जसि वजह से काफी काम आवाज होती थी  ! जैसे जैसे समय बीता वैसे वैसे उनका वो अभ्यास निखारने लगा और और धीरे धीरे वे यॉर्कर स्पेशलिस्ट कहे जाने लगे | 



अपने यॉर्कर और एक्शन को दिग्गजों के देख रेख में निखारा 

हालाँकि बुमराह ने अपनी यॉर्कर को आईपीएल टीम मुंबई इंडियंस में रहकरनिखारा । श्रीलंका के तेज गेंदबाज लसिथ मलिंगा ने बुमराह को यॉर्कर और स्लोअर यॉर्कर पर कई अहम बातें सिखाई , जिसकी वजह से आज वो इतने बड़े गेंदबाज बन चुके है की  बड़े बड़े बल्लेबाज उनके गेंदबाजी को लोहा मानते है | 


तो दोस्तों इस से यह साबित होता है की माँ सिर्फ एक शब्द नहीं है बल्कि वो एक भगवान् का रूप हैं जिनके क्रोध से भी हमारा उपकार ही होता है | इसलिए माँ का सम्मान करें क्योंकि माँ ही एक ऐसा शब्द हैं जिनकी व्यक्तित्व में भी समानता हैं  है जो किसी के भी साथ कुछ भी बुरा हो जाता है तो आंसू का पहला बूँद माँ के ही आँखों से गिड़ती है


Conclusion

तो दोस्तों देखा कैसे माँ की एक फटकार की वजह से बुमराह पूरी दुनिया के सबसे बड़े गेंदबाज बन चुके हैं  !  पोस्ट अच्छी लगी हो तो इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें | धन्यवाद