इस वक्त इंडियन टी-20 लीग का 12वां सीजन खेला जा रहा है। अब तक खेले गए 26 मुकाबलों में कई रिकॉर्ड बने और बिगड़े हैं, लेकिन आज हम बात करेंगे टी-20 लीग के ऐसे रिकॉर्ड की जिसने सबको हैरान कर दिया था। वो रिकॉर्ड आज भी हर किसी को याद होगा। हम बात कर रहे हैं इंडियन टी-20 लीग इतिहास की उस हैट्रिक की, जिसे रोहित शर्मा ने अपने नाम किया था।

rohit-sharma

साल 2009 में इंडियन टी-20 लीग का दूसरा सीजन खेला गया। 6 मई को खेले गए सीजन के 32वें मैच में डेक्कन चार्जर्स और मुंबई के बीच मुकाबला खेला गया।

मैच में चार्जर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 145 रन बनाए। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई खराब शुरुआत के बाद डुमिनी की बल्लेबाजी से संभल गई। एक समय ऐसा लग रहा था जैसे मुंबई मैच को आसानी से जीत लेगी, लेकिन चार्जर्स के कप्तान गिलक्रिस्ट ने 16वें ओवर में रोहित शर्मा को गेंदबाजी करने के लिए कहा।


रोहित ने अपने ओवर की पांचवीं गेंद पर.....

उसके बाद रोहित ने अपने ओवर की पांचवीं गेंद पर अभिषेक नायर और आखिरी गेंद पर हरभजन को बोल्ड किया। इसके बाद एक बार फिर से 18वें ओवर में रोहित ने गेंदबाजी की और ओवर की पहली ही गेंद पर डुमिनी को गिलक्रिस्ट के हाथों कैच आउट करवा दिया।
डुमिनी को 52 रन पर आउट करने के साथ ही रोहित ने इस टूर्नामेंट की हैट्रिक अपने नाम की। इतना ही नहीं रोहित ने 18वें ओवर की तीसरी गेंद पर सौरव तिवारी को भी आउट किया।
रोहित के 4 विकेट के बाद मुंबई की पारी रुक गई और 20 ओवर में 126 रन ही बना पाई और मैच हार गई।


मुंबई के खिलाफ इन्होने ये हैट्रिक ली थी।

दिलचस्प बात यह कि रोहित ने बतौर कप्तान जिस मुंबई को 3 बार चैंपियन बनाया है उसी मुंबई के खिलाफ इन्होने ये हैट्रिक ली थी।
इस मैच में बल्लेबाजी में रोहित ने 2 चौके और 1 छक्के की मदद से 36 गेंदों में 38 रन की पारी खेली थी। वहीं गेंदबाजी में उन्होंने 2 ओवर में 6 रन देकर 4 विकेट झटके। रोहित को उनके हरफनमौला प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया।इंडियन टी-20 लीग के इतिहास में रोहित ने कुल 15 विकेट लिए हैं। इसमें 11 विकेट रोहित ने साल 2009 में ही लिए थे।